भेट चोरटी...

ज्ञानेश. - ⏱ १ मिनिट

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आज  तू  खुशाल  गाल  लाल  होत  जाउदे,
भेट  चोरटी  जरा  'जहाल'  होत  जाउदे...


रोज  मंद  गंध  होत  अंतरंग  व्यापतो,
आज  अंग माखण्या  गुलाल  होत  जाउदे


ठेवणीतला  नकोस  दागिना  करू  मला,
वापरातला  तुझा  रुमाल  होत  जाउदे !!


देह  लोळतो  किती  सुखात  साजणे  तुझा,
हे  न फार  चांगले, तु  'हाल'  होत  जाउदे...


स्वप्न्-बिप्न  सोड, आज  थेट भेट नेटकी..
सारखी  पुढेच  वाटचाल  होत जाउदे..


रोज  रोज  काय  तेच  गोड गोड  बोलणे?
तू  कधी  कधी  अशी  धमाल  होत  जाउ  दे..!


तोलतात  शब्द शब्द खोल, बोलतात की-
"गालगाल  गालगा"त  चाल  होत  जाउदे..!!


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गझल