संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| प्रवास | सोनाली जोशी | |
| तू दिलेल्या वेदना | जयश्री अंबासकर | |
| शहारा | पुलस्ति | |
| काही स्वगते... | व्योम | |
| अशक्य केवळ | जयश्री अंबासकर | |
| कैक मतले... | मानस६ | |
| बातमी | आनंदयात्री | |
| .....बरे दिसत नाही...! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| भेट एकदा | अगस्ती | |
| जगून काय साधले | वैभव जोशी | |
| तू परतून यावे | अजय अनंत जोशी | |
| मी तरी देऊ किती आवाज आता..! | मी अभिजीत | |
| तू गेल्यावर | ऋत्विक फाटक | |
| गरजत आहे, बरसत नाही | ज्ञानेश. | |
| हे तेवढे बरे झाले | श्यामली | |
| दूर | ऋत्विक फाटक | |
| दुसरा कुणीच नाही.... | जयश्री अंबासकर | |
| ...वजन एखादे नवे ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| तू | जयश्री अंबासकर | |
| माझी सावलीही रंगली... | जयन्ता५२ |