संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| वराकडील मानपान | भूषण कटककर | |
| मिळते कोठे ? | कौतुक शिरोडकर | |
| गुलाबपाणी | गौतमी | |
| येतात सोबती हे.. | मधुघट | |
| १२.५५ ए एम - ११.०२.०९ ट्रान्स! | भूषण कटककर | |
| असेच हल्ली मनास होते... | ज्ञानेश. | |
| दिसतो तुला जरी मी......... | वैभव देशमुख | |
| एकरूप | चांदणी लाड. | |
| श्वासात ताल आहे | भूषण कटककर | |
| गझल माझी तसतशी | भूषण कटककर | |
| मी बोचलो म्हणाले | सोनाली जोशी | |
| कुठे? | भूषण कटककर | |
| जाच | मधुघट | |
| घे हमी तू....... | गौतमी | |
| असा श्वासांत येतो प्रास | वैभव जोशी | |
| सोबतीचा आव आहे | जयन्ता५२ | |
| रीत माझी... (हझल) | अजय अनंत जोशी | |
| किती खाल हो..? | मानस६ | |
| मान्यवरांची गझल-डॉ.राम पंडित | मीर क्षीरसागर | |
| ...वेड पांघरावे मी ! | प्रदीप कुलकर्णी |