संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
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| वसंता.... | गौतम.रा.खंडागळे | |
| तुझ्या हस्याने मझ घायाळ केले......... | गौतम.रा.खंडागळे | |
| फार आता फार झाले | जयन्ता५२ | |
| वनवास : डॉ.श्रीकृष्ण राऊत | डॉ. श्रीकृष्ण राऊत | |
| आताशा तो जरा निराळे वागत असतो | सोनाली जोशी | |
| कोण आहे तुझा मी? | ज्ञानेश. | |
| बोलका | अजय अनंत जोशी | |
| वेडा | व्योम | |
| सोडू नको | मिल्या | |
| ती संपली कहाणी | जयन्ता५२ | |
| हे शहर माझी व्यथा सांभाळते | प्रसन्न शेंबेकर | |
| ओळख | मधुघट | |
| परीक्षा | आनंदयात्री | |
| पावसाळा | रवि केसकर | |
| काय करावे आता? | आरती सुदाम कदम | |
| सल कशाचा आत कोठे खोल आहे | प्रसन्न शेंबेकर | |
| छळतो अजूनही का | जयश्री अंबासकर | |
| शब्दाना अडवीत गेले. | नीता | |
| थाबं ! | श्रीकान्त | |
| काजळ | श्रीकान्त |