संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| समज | अजय अनंत जोशी | |
| असे करू नये २ | तिलकधारीकाका | |
| ...केव्हातरी ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| अशी गोड तू... | निरज कुलकर्णी | |
| रूक्मिणी... | निरज कुलकर्णी | |
| औषधाने मी बरा होत नाही. | मानस६ | |
| सोळा... | केदार पाटणकर | |
| यज्ञपर्व ...( गझल ) | निरज कुलकर्णी | |
| मदार... ( गझल ) | निरज कुलकर्णी | |
| 'गोष्टी ' | ज्ञानेश. | |
| असे करू नये १. | तिलकधारीकाका | |
| मी खरे बोललो तेव्हा | अजब | |
| आगी लावणारे | भूषण कटककर | |
| दुष्काळ.... | चांदणी लाड. | |
| फुलासारखी... | ज्ञानेश. | |
| लाघवीशी वाटते आहे | भूषण कटककर | |
| ध्यास मला (काही शेर...) | संतोष कुलकर्णी | |
| ...लुप्त | ज्ञानेश. | |
| खेळ | अजय अनंत जोशी | |
| साधवी... | निरज कुलकर्णी |