संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| नवा चंद्र | शिवाजी जवरे | |
| वाच पुस्तके! | अविनाश ओगले | |
| अखाडा | धोंडोपंत | |
| राहिलो एकेकटे दोघे जगत....! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| बेसुरी सुरुवात... | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| कसे मानू तुला माझा... | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| कसे मानू | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| कधी... | प्रदीप कुलकर्णी | |
| ...का दिसेनात आता कुठे ? | प्रदीप कुलकर्णी | |
| स्थित्यंतरे | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| डाव | बापू दासरी | |
| क्षणोक्षणी.... | अमित वाघ | |
| कुठे नेतील या वाटा मनाला.... | अनंत ढवळे | |
| 'गालिब'च्या गजलेचा भावानुवाद | अजब | |
| गुंता | पुलस्ति | |
| कवडसा | बापू दासरी | |
| गझल | मिल्या | |
| असोशी.... | अमित वाघ | |
| अजून कोणी तरी मनाशी...(जुनी) | संतोष कुलकर्णी | |
| सोपे नसते | सतीश |