संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| दाखला | जयन्ता५२ | |
| ...नाही आज सुचत काही ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| आत्मसात | कुमार जावडेकर | |
| साळसूद | पुलस्ति | |
| बोलताना तोल गेला... | मानस६ | |
| ...दिवेलागणीच्या वेळी ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| सोबत | केदार पाटणकर | |
| कंठशोष | पुलस्ति | |
| कळेना | पुलस्ति | |
| जगण्याला काय हवे..? | मानस६ | |
| ...पुढे मी गेलो ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| जगणे असते... (अजब) | अजब | |
| का? | जयन्ता५२ | |
| ...सारेच विसरू दे मला ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| फार मी कुठे... | संतोष कुलकर्णी | |
| भयंकर | संतोष कुलकर्णी | |
| लोक | संतोष कुलकर्णी | |
| ..पुन्हा सांग ना! | मानस६ | |
| पोचुनी दारी तुझ्या | कुमार जावडेकर | |
| राहिले माझेतुझे नाते घसाऱ्यासारखे | चित्तरंजन भट |