संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| हे शहरच आता दिसते... | मधुघट | |
| जगणे म्हणजे अवघड चळवळ | श्रीकांत वाघ | |
| ...त्याचीच ओढा री पुन्हा!! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| ...जिथल्या तिथेच सारे ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| मनसुबे | पुलस्ति | |
| एकपात्री | दशरथ दोरके | |
| अंतरास जाळते व्यथा | स्नेहदर्शन | |
| खर्डेघाशी | चक्रपाणि | |
| बाग | अभिषेक उदावंत | |
| तरी हात हाती हवासा तुझा... | अमित वाघ | |
| आपण दोघे | रुपेश देशमुख | |
| ययाती | मनोज सोनोने | |
| मारवाही शेवटी... | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| परिस्थितीच्या उन्हात... | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| मला ठावुक की... | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| काटाकाटी श्वासांचीही.. | संतोष कुलकर्णी | |
| आई दे.. | संतोष कुलकर्णी | |
| खरेच राणी... | जनार्दन केशव म्हात्रे | |
| शोधताना मी सुखाला... | राजगुडे | |
| इथे कुणाला संग हवा? | योगेश वैद्य |