संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| वेगासवे मनाच्या, मी धावणार आहे | प्रज्ञा महाजन | |
| वादळे उसळून आल्यावर.... | केदार पाटणकर | |
| घार | भूषण कटककर | |
| अलिप्त | क्रान्ति | |
| ओळख | काव्यरसिक | |
| पुन्हा पुन्हा ते तसेच होते | भूषण कटककर | |
| आजही | भूषण कटककर | |
| उदास...! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| आज उद्या | इलोवेमे | |
| अजूनही | क्रान्ति | |
| मन्मना...! | काव्यरसिक | |
| जाग | काव्यरसिक | |
| वेदना | काव्यरसिक | |
| धुळीतला ध्रुवतारा...! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| धागे | क्रान्ति | |
| मला माझ्या गुन्ह्याची फार मोठी स ज़ा झाली .... | खलिश | |
| वेदना | प्रज्ञा महाजन | |
| प्रवास | इलोवेमे | |
| आश्चर्य काय ती ही आनंदली असावी | मिल्या | |
| जाग | क्रान्ति |