संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| गजल | कल्पना शिन्दे | |
| गझल : रात्र सारी चांदण्याने दु:खः माझे पाहिले - पु नः संपादित | खलिश | |
| ग झ ल : रात्र थोडी गार होती ..... | खलिश | |
| ग झ ल : तू कधी स्वप्नात माझ्या येशील का ? ..... | खलिश | |
| तु जाता | इलोवेमे | |
| गझल : हात माझ्या काळ्जाला लावू नको..... | खलिश | |
| तु | इलोवेमे | |
| आज का? | क्रान्ति | |
| अढी कपाळावरील जेव्हा मनात गेली.. | ज्ञानेश. | |
| मोगरा | इलोवेमे | |
| एकांत माझा | चांदणी लाड. | |
| ...पेटारा ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| उभा ज् न्म गेला | इलोवेमे | |
| प्रश्न..... | शांत्सुत | |
| तेच दिवस | इलोवेमे | |
| असत॑ ना कोनि कोनाचे | इलोवेमे | |
| सारे तुझ्यात आहे | जयश्री अंबासकर | |
| आकांत | क्रान्ति | |
| रात आहे | अनिकेत | |
| निघाल्या गवळणी पाण्याला.... | निलेश |