संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| रात्री जे घडले त्याची दिवसाला वार्ता नसते | प्रणव सदाशिव काळे | |
| मुलाहिजा | चित्तरंजन भट | |
| कोणी | चित्तरंजन भट | |
| झेंडा | विसुनाना | |
| गझल-आजही | अनंत ढवळे | |
| '....राहू दे मला माझा !!' | प्रदीप कुलकर्णी | |
| गारगोट्या | विसुनाना | |
| मी जसा भेटतो | प्रसन्न शेंबेकर | |
| मौक्तिकांत शिंपला शोधू | मिलिंद फणसे | |
| किनारा | ॐकार | |
| मदारी | विसुनाना | |
| गझल | मिलिंद फणसे | |
| गझल - वाटते आहे | अनंत ढवळे | |
| वामवेद | विसुनाना | |
| रसायन ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| गझल | अनंत ढवळे | |
| गझल | अनंत ढवळे | |
| पाचोळा | पुलस्ति | |
| छेद | विसुनाना | |
| गुपित | आभाळ |