संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| ...काळजी नको ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| ना उन्हाळा भोगला मी फारसा | कुमार जावडेकर | |
| पतंग | नितीन | |
| अभ्यास | आभाळ | |
| जरासा... | विसुनाना | |
| वखत वेळ | जयन्ता५२ | |
| ओल | पुलस्ति | |
| वायदे बाजार | अनिरुद्ध अभ्यंकर | |
| कुठे म्हणालो परी असावी | प्रणव सदाशिव काळे | |
| एकटाच मी ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| सुतक | आभाळ | |
| एकदा आहे तुला भेटायचे | अनिरुद्ध अभ्यंकर | |
| वजाबाक्या | अनिरुद्ध अभ्यंकर | |
| व्यर्थ | आभाळ | |
| इतके धुळकट रस्ते इथले.... | अनंत ढवळे | |
| आभाळ चांदण्यांचे... | नितीन | |
| उद्दाम | पुलस्ति | |
| नाते | प्रदीप कुलकर्णी | |
| मी झाडांसम फुलणारा | संतोष कुलकर्णी | |
| राजसा | नितीन |