संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| फडफडतो काळजात माझ्या... | वैभव देशमुख | |
| देवुनी तुझे तुला निघायचे मला.. | शाम | |
| ~ शामकांती सांजवेळी ~ | Ramesh Thombre | |
| उठ बा रे पांडुरंगा.. | शाम | |
| बदनाम.. | शाम | |
| पाणी थकले, जमीन थकली... | वैभव देशमुख | |
| ''भारतीय'' | कैलास | |
| मी तसा माणूस आहे | विजय दि. पाटील | |
| बहरता बहरता..... | ह बा | |
| कळले नाही | क्रान्ति | |
| अंतरातली व्यथा अंतरी जपायची | मिल्या | |
| हिशेबाची माय मेली? | गंगाधर मुटे | |
| जरासा त्रास होतो | ह्रषिकेश चुरी | |
| कविता जुळून आली.. | बहर | |
| कसा मी करावा खुलासा मनाचा... | विद्यानंद हाडके | |
| भांडेल कोण आता? | विजय दि. पाटील | |
| वाटे पुन्हा पुन्हा.. | बहर | |
| ... भांडू नकोस राणी | अजय अनंत जोशी | |
| प्रवासी | आनंदयात्री | |
| ''चेहरा'' | कैलास |