संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| बाजार | आनंदयात्री | |
| माणसे.... | कैलास | |
| उत्तीर्ण होणार नाहीस | बेफिकीर | |
| बदल | काव्यरसिक | |
| रित | कैलास | |
| कसाबसा मी जगतो ते | बेफिकीर | |
| अनेक वर्षे जमीन उजाड पडून आहे | सोनाली जोशी | |
| मी मोजत असते रात्री | सोनाली जोशी | |
| चालला शब्दांतुनी... | अजय अनंत जोशी | |
| मनाला पटेना | अजय अनंत जोशी | |
| फार झाले | अनिल रत्नाकर | |
| चेहरा | बेफिकीर | |
| ती नदी गेली कुठे... | वैभव देशमुख | |
| कुठे भास होतो तुझ्या कंकणांचा.. | ज्ञानेश. | |
| कुणाकुणावर अजूनही तो प्रभाव होता | अजय अनंत जोशी | |
| फार झाले | अनिल रत्नाकर | |
| शांततेने चालुदे | बेफिकीर | |
| काय हा रस्ता तुझ्या शहरातला | बेफिकीर | |
| ना मिळे | अनिल रत्नाकर | |
| ना कळे | अनिल रत्नाकर |