संकेतस्थळावर प्रकाशित झालेल्या गझला
| शीर्षक | लेखक | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| बहुधा | क्रान्ति | |
| लोचट आशा, नेक निराशा, एक उसासा जीवन | बेफिकीर | |
| मदार | पुलस्ति | |
| आयुष्य खूप गेले, | जयन्ता५२ | |
| उमेद | काव्यरसिक | |
| काय सुनसान पोकळी आहे | बेफिकीर | |
| सुखास आता तुझे नाव आहे | जयन्ता५२ | |
| ...थांबवू नको मला! | मधुघट | |
| पक्षी येती झाड बहरता , वठल्यावरती कुणी न दिसते | सोनाली जोशी | |
| येथे राज्य चालते माझे | बेफिकीर | |
| चालेल तोवर चालु दे ! | अजय अनंत जोशी | |
| आयुष्य | आरती सुदाम कदम | |
| चला 'बेफिकिर', जायची वेळ गेली | बेफिकीर | |
| ...फर्मास गप्पा ! | प्रदीप कुलकर्णी | |
| जशी रात्र झाली... | केदार पाटणकर | |
| मंत्र | प्रशान्त वेलापुरे | |
| किनारा गाठण्यासाठी | बेफिकीर | |
| अंगार | काव्यरसिक | |
| एवढे फिरून.. | ज्ञानेश. | |
| शेवटी झोपायचे आहे सदासाठी तुला | बेफिकीर |